छत्तीसगढ़ अंशदायी कर्मचारी कल्याण संघ ने UPS पेंशन स्कीम रद्द करने और पुरानी पेंशन बहाल रखने की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ अंशदायी कर्मचारी कल्याण संघ ने UPS पेंशन स्कीम रद्द करने और पुरानी पेंशन बहाल रखने की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 21 अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ अंशदायी कर्मचारी कल्याण संघ ने आज जिले की कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी को मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1 अगस्त 2025 से लागू की जा रही यूपीएस पेंशन स्कीम को रद्द करने और पुरानी पेंशन योजना को यथावत रखने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि छत्तीसगढ़ शासन ने 17 जुलाई 2025 को राजपत्र में प्रकाशित कर 1 अगस्त 2025 से राज्य शासन की सीधी भर्ती में शासकीय सेवकों के लिए एनपीएस अथवा यूपीएस पेंशन स्कीम लागू करने का निर्णय लिया है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए उचित नहीं है। संघ ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना पहले से लागू है और अन्य विभागों में इसके लाभ भी दिए जा रहे हैं। शिक्षक एलबी वर्ग, जिनकी नियुक्ति 1998 से पंचायत विभाग के माध्यम से हुई थी, उन्हें 2018 से पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उनकी पेंशन गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से की जानी चाहिए।
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से दो प्रमुख मांगें रखीं:
1️⃣ 17 जुलाई 2025 को जारी शासन के राजपत्र में नई भर्ती पर लागू की गई एनपीएस और यूपीएस पेंशन स्कीम को निरस्त कर 1 अगस्त 2025 के बाद नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए भी पुरानी पेंशन योजना लागू रखी जाए।
2️⃣ प्रदेश के समस्त शिक्षक एलबी की पेंशन गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि (पंचायत विभाग से) से की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिले के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. संजय शर्मा, सचिन तिवारी, सत्यनारायण जायसवाल, पीयूष गुप्ता, आकाश राय, प्रीतम कोशले, प्रकाश रैदास, अभिषेक शर्मा, तुलसीदास महिलाएंगे, विशाल ठाकुर, अशोक पांडे, गीतेश्वर राठौर, बलराम तिवारी, अमिताभ चटर्जी, यज्ञनारायण शर्मा, धर्मेंद्र कैवार्थ, प्रशांत शर्मा, राजेश सोनी, कैलाश लदेर, राजेश चौधरी, अजय चौधरी, संजय सोनी, महेंद्र मिश्रा, पारस राम, रमेश राठौर, हीरा सिंह, राम सिंह मराबी, परमेश्वर भास्कर, दुर्गा प्रसाद, रावल प्रताप, आशीष कुमार, राजकुमार पटेल, रत्नेश सोनी, भुनेश्वर, परसराम सिंदराम समेत जिले के कई कर्मचारी शामिल रहे।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि शासन द्वारा कर्मचारियों के हित में जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलनात्मक रणनीति बनाई जाएगी।





